प्रधानमंत्री आवास योजना 2023: PM Awas Yojana आवेदन प्रक्रिया, योग्यता, लिस्ट

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की शुरुवात प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2015 में की थी। इस योजना का लक्ष्य देश के सभी नागरिकों को रहने के लिए पक्का घर उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार ने 2023 तक देश के ऐसे सभी नागरिकों को घर बनाकर देने की योजना बनाई है जो लोग अभी तक बेघर हैं। साथ ही भारत सरकार ऐसे लोगों को घर बनाने के लिए सब्सिडी देती है जो लोन लेकर घर या फ्लैट खरीदना चाहते हैं। आगे इस आर्टिकल में हम आपको बताएँगे कि किन लोगों को कैसे Pradhan Mantri Awas Yojana के द्वारा लाभ दिया जायेगा।

Table of Contents

प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी

भारत सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुवात साल 2015 में की थी। इस योजना को तीन चरणों में बांटा गया है। इस योजना का पहला चरण जून 2015 में शुरू हुआ और मार्च 2017 में ख़त्म हो गया। योजना का दूसरा चरण अप्रैल 2017 में शुरू हुआ और दो वर्ष बाद मार्च 2019 में ख़त्म हुआ। इस योजना का तीसरा और आखिरी चरण अप्रैल 2019 में शुरू किया गया और मार्च 2022 में ख़त्म हो गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी का दिसम्बर 2024 तक के लिए किया गया विस्तार

भारत के हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स मंत्रालय ने दिनांक 17 अगस्त 2022 को आदेश जारी करके प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी का दिनांक 31 दिसम्बर 2024 तक के लिए विस्तार कर दिया है। यह विस्तार PMAY-U के CLSS (Credit Linked Subsidy Scheme) ऋण आधारित ब्याज सब्सिडी योजना को छोड़कर शेष सभी भाग में किया गया है। केंद्र सरकार ने इस आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि इस विस्तारित समय में PMAY-U के अंतर्गत कोई भी नया आवास स्वीकृत नहीं किया जायेगा। इस दौरान केवल पूर्व में स्वीकृत आवास हेतु ही वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार पहले ही 31 मार्च 2022 तक PMAY-U योजना के तहत 122.69 लाख आवास स्वीकृत कर चुकी है।

PM AWAS YOJANA (शहरी) की मुख्य विशेषताएं

  • सभी मौसमों हेतु रसोई, पानी, शौचालय और बिजली के साथ श्रम रिहायशी इकाइयाँ
  • महिला सशक्तिकरण
  • स्वामित्व / पट्टे की सुरक्षा
  • शहरी गरीबों के लिए जीवन की गुणवत्ता
  • पर्याप्त भौतिक और सामाजिक अवसंरचना

प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी हेतु पात्रता (Eligibility Criteria for PMAY-U)

भारत के ऐसे नागरिक जो आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी (EWS), निम्न आय वर्ग (Lower Income Group-LIG), मध्यम आय वर्ग (Middle Income Group-MIG) श्रेणी के अंतर्गत आते हैं वो इस योजना में लाभ लेने हेतु पात्रता निम्नलिखित हैं।

  • ऐसे लोग जिनके नाम पर या उनके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर भारत कही भी पक्का घर नहीं है
  • परिवार का मतलब पति, पत्नी और अविवाहित बच्चों से है
  • जिनका घर आंशिक रूप से पक्का अथवा कच्चा है
  • परिवार का वयस्क कमाने वाला सदस्य भी इस योजना हेतु पात्र है चाहे वह विवाहित हो अथवा अविवाहित
  • EWS /LIG /MIG श्रेणी के अंतर्गत आने वाले परिवार

पीएम आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के भाग

  1. ISSR (In-Situ Slum Redevelopment) स्व-स्थाने स्लम पुनर्विकास
  2. CLSS (Credit Linked Subsidy Scheme) ऋण आधारित ब्याज सब्सिडी योजना
  3. AHP (Affordable Housing In Partnership) भागीदारी में किफायती आवास
  4. BLC (Beneficiary Led Construction) लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण / विस्तार

ISSR (स्व-स्थाने स्लम पुनर्विकास)

ISSR In-Situ Slum Redevelopment का संक्षिप्त रूप है जिसका हिंदी में अर्थ अपने स्थान पर ही स्लमों के लिए पुनर्विकास योजना से है। इसके तहत निजी डेवलपर्स की भागीदारी के साथ संसाधन के रूप में भूमि का उपयोग किया जाता है। और पात्र झुग्गी निवासियों के पुनर्विकास के लिए बनाए गए सभी घरों के लिए ₹1 लाख प्रति घर के हिसाब से केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पुनर्विकास के बाद सम्बंधित राज्य अथवा केंद्रशासित प्रदेश की सरकार द्वारा ऐसे स्लमों के लिए अधिसूचना को रद्द करने की सिफारिश की जाती है। इस केंद्रीय सहायता को अन्य स्लमों के पुनर्विकास हेतु उपयोग करने के लिए राज्यों/ शहरों को छूट दी गई है। सम्बंधित राज्य अथवा शहर परियोजनाओं को वित्तीय रूप से अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए अतिरिक्त Floor Space Index (FSI) / फर्श क्षेत्र अनुपात (FAR) या Transfer Of Development Rights (TDR) की सुविधा प्रदान करते हैं।

निजी मालिकाना हक़ वाली जमीन पर स्लमों के लिए राज्य अथवा शहर अपनी नीति के अनुसार जमीन के मालिक को अतिरिक्त FSI/FAR या TDR प्रदान करते हैं। ऐसे मामले में केंद्र सरकार की तरफ से कोई भी सहायता नहीं मिलती है।

CLSS (ऋण आधारित ब्याज सब्सिडी योजना)

CLSS Credit Linked Subsidy Scheme का संक्षिप्त रूप है जिसे हिंदी में ऋण आधारित ब्याज सब्सिडी योजना कहा जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी (EWS), निम्न आय वर्ग (Lower Income Group-LIG), मध्यम आय वर्ग (Middle Income Group-MIG) -I और मध्यम आय वर्ग (MIG)-II के लाभार्थी जो बैंक, आवास वित्त कम्पनी और ऐसे अन्य संस्थाओं से घर के लिए लोन लेना चाहते हैं वे मकानों को अधिग्रहण, निर्माण या वृद्धि ( केवल EWS / निम्न आय वर्ग के लिए मान्य) के लिए ₹ 6 लाख, ₹ 9 लाख और ₹ 12 लाख की लोन राशि पर क्रमशः 6.5%, 4% और 3% ब्याज सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।

मंत्रालय ने आवास और शहरी विकास निगम (HUDCO), राष्ट्रीय आवास बैंक (NHB) और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को केंद्रीय नोडल एजेंसी (Central Nodal Agency-CNA) के रूप में नामित किया है ताकि वे लोन देने वाले संस्थाओं के द्वारा लाभार्थियों को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से सब्सिडी प्रदान कर सकें और प्रक्रिया की निगरानी कर सकें। CLSS Awas Portal (CLAP) ने सीएलएसएस घटक के तहत प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है जिससे मंत्रालय द्वारा शिकायतों को कम करने में भी सुविधा हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना में CLSS स्कीम के तहत मिलने वाले लाभ को नीचे दी गयी तालिका द्वारा आसानी से समझा जा सकता है।

ऋण आधारित ब्याज सब्सिडी योजना (CLSS) हेतु पात्रता और लाभ
विवरणEWSLIGMIG-1stMIG-2nd
पारिवारिक आय (वार्षिक)3 लाख तक3-6 लाख तक6-12 लाख तक12-18 लाख तक
कारपेट एरिया (वर्ग मीटर)3060160200
वार्षिक ब्याज सब्सिडी (%)6.5%6.5%4%3%
अधिकतम ऋण अवधि20 वर्ष20 वर्ष20 वर्ष20 वर्ष
पात्र लोन राशि6 लाख6 लाख9 लाख12 लाख
रियायती निवल वर्तमान मूल्य दर (Discounted Net Present Value Rate)9%9%9%9%
20 साल के लिए लोन पर सब्सिडी की अग्रिम राशि2,67,280/-2,67,280/-2,35,068/-2,30,156/-
लगभग मासिक बचत 10% की दर पर ऋण ब्याज2500/-2500/-2250/-2200/-

AHP (भागीदारी में किफायती आवास)

एएचपी के तहत, भारत सरकार द्वारा ₹ 1.5 लाख की सहायता राशि प्रति EWS आवास प्रदान की जाती है। एक किफायती आवास परियोजना में केंद्रीय सहायता की पात्रता के लिए परियोजना में कम से कम 35% आवास EWS श्रेणी के होना आवश्यक हैं। राज्यों/ संघ शासित प्रदेश EWS आवासों के विक्रय हेतु एक अधिकतम मूल्य निर्धारित करते हैं ताकि लाभार्थियों के लिए उन्हें किफायती और सुलभ बनाया जा सके। राज्य और शहर अन्य रियायतें जैसे कि उनका राज्यांश, सस्ती दर पर जमीन, स्टांप शुल्क में छूट आदि सुविधाएँ प्रदान करते हैं।

BLC (लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण / विस्तार)

EWS श्रेणियों से संबंधित पात्र परिवारों को व्यक्तिगत आवास निर्माण/ विस्तार के लिए ₹ 1.5 लाख प्रति EWS आवास की सहायता प्रदान की जाती है। स्थानीय शहरी निकाय लाभार्थी द्वारा दी गई जानकारी और आवास निर्माण योजना को प्रमाणित करते हैं ताकि भूमि के स्वामित्व, आर्थिक स्थिति और पात्रता जैसी बातों का पता लगाया जा सके। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा DBT के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में सहायता राशि जारी की जाती है।

पीएम आवास योजना-शहरी रजिस्ट्रेशन

भारत के हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स मंत्रालय ने दिनांक 17 अगस्त 2022 को आदेश संख्या 11011/37/2021-HFA-IV-UD (E-9111947) द्वारा प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का दिनांक 31 दिसम्बर 2024 तक के लिए विस्तार कर दिया है। केंद्र सरकार ने इस आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि इस विस्तारित समय में PMAY-U के अंतर्गत कोई भी नया आवास स्वीकृत नहीं किया जायेगा। इस दौरान केवल पूर्व में स्वीकृत आवास हेतु ही वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार पहले ही 31 मार्च 2022 तक PMAY-U योजना के तहत 122.69 लाख आवास स्वीकृत कर चुकी है। अतः अभी आप इस योजना हेतु लाभ पाने के लिए आवेदन / रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकते हैं। जैसे ही सरकार द्वारा इस योजना हेतु पंजीकरण पुनः शुरू किया जायेगा आपको इसी आर्टिकल के माध्यम से सूचित किया जायेगा जिससे आप इस योजना में रजिस्ट्रेशन करके अपने सपनों के घर को बनाने हेतु सहायता राशि प्राप्त कर सकें।

प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी Contact Number (PMAY-U Contact Details)

PMAY-U से सम्बंधित किसी भी जानकारी, सुझाव अथवा शिकायत के लिए आप निम्नलिखित माध्यमों से सम्पर्क कर सकते हैं

फोन नंबर011-23063285, 011-23060484
011-23063620, 011-23063567
ई-मेल[email protected]

प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण

जनवरी 1996 में एक स्वतंत्र कार्यक्रम के रूप में इंदिरा आवास योजना (IAY) नामक ग्रामीण आवासीय कार्यक्रम शुरू किया गया था। यद्यपि आईएवाई में ग्रामीण क्षेत्रों में मकानों की जरूरतें पूरी की गई थीं, फिर भी वर्ष 2014 में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा कराये गए मूल्यांकन के दौरान कुछ कमियों की जानकारी मिली थी। जैसे कि मकानों की कमी का आकलन न किया जाना, लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता की कमी, मकानों की खराब गुणवत्ता और तकनीकी सर्वेक्षण की कमी, तालमेल की कमी और लाभार्थियों को ऋण प्राप्त न होना आदि से कार्यक्रम के प्रभाव और परिणाम पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। ग्रामीण आवास योजना में इन कमियों को दूर करने और वर्ष 2022 तक “सभी के लिए मकान” उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए इंदिरा आवास योजना को 01.04.2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) में पुनर्गठित किया गया है।

PMAY-G का उद्देश्य और सहायता राशि

पीएमएवाई-जी का उद्देश्य सभी बेघर परिवारों तथा कच्चे एवं टूटे-फूटे मकानों में रहने वाले परिवारों को वर्ष 2022 तक बुनियादी सुविधाओं से लैस पक्का मकान उपलब्ध कराना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कच्चे/टूटे-फूटे मकानों में रहने वाले एक करोड़ परिवारों को तीन वर्षों में अर्थात 2016-17 से 2018-19 तक मकान उपलब्ध कराना है। मकान के न्यूनतम आकार को 20 वर्गमीटर से बढ़ाकर साफ-सुथरे रसोई घर सहित 25 वर्गमीटर कर दिया गया है। इस योजना में सहायता राशि मैदानी क्षेत्रों में 70,000 रू. से बढ़ाकर 1.20 लाख रू. तथा पर्वतीय राज्यों, दुर्गम क्षेत्रों और आईएपी जिलों में 75,000 रू. से बढ़ाकर 1.30 लाख रू. कर दी गई है।

लाभार्थी मनरेगा योजना से 90/95 दिनों की अकुशल मजदूरी पाने के हकदार हैं। शौचालय के निर्माण के लिए एसबीएम-जी, मनरेगा या वित्तपोषण के किसी अन्य स्रोत से तालमेल बिठाकर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। पाइप के जरिए पेयजल आपूर्ति, बिजली कनेक्शन, एलपीजी गैस कनेक्शन इत्यादि के लिए विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में तालमेल बिठाने का भी प्रयास किया जाता है।

PMAY-G हेतु लाभार्थियों का चयन और पात्रता

लाभार्थियों का चयन PMAY-G की सबसे महत्वतपूर्ण विशेषताओं में से एक है। लाभार्थी के चयन में यह सुनिश्चित किया जाता है कि वास्तविक रूप से पात्र और वंचित को सहायता दी जाए। इसके लिए BPL परिवारों में से लाभा‍र्थियों का चयन करने की जगह PMAY-G में सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना-2011 (SECC-2011) के आंकड़ों का उपयोग करके लाभार्थियों का चयन किया जाता है जिसका सत्यापन ग्राम सभा द्वारा किया जाता है। SECC में उन परिवारों के आकड़े, जो बेघर हैं या 0, 1 और 2 कमरों वाली कच्ची दीवारों और कच्ची छत वाले मकानों में रहते हैं, ऐसे लोगो की सूची तैयार किया जाता है। जिससे कार्यान्वयन के लिए बेहतर योजना बनाने में मदद मिलती है। लाभार्थियों के चयन से संबंधित शिकायतों का समाधान करने के लिए अपीलीय प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है।

Pradhan Mantri Awas Yojana – Gramin हेतु रजिस्ट्रेशन

लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना-2011 (SECC-2011) के आकड़ों को आधार बनाया गया है जिससे वास्तविक रूप से पात्र और बेघर लोग ही इस योजना का लाभ ले सके इसलिए इस योजना हेतु आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको SECC-2011 के डाटा के आधार पर अपनी योग्यता की जाँच करनी पड़ेगी आइये हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से इस योजना हेतु आपकी पात्रता और Pradhan Mantri Awas Yojana- Gramin हेतु रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के प्रत्येक चरण के बारे में अवगत कराते हैं

स्टेप-1 सर्वप्रथम AwaasSoft पोर्टल पर लाभार्थी की पात्रता और रजिस्ट्रेशन detail के लिए आवेदक के राज्य का नाम, जिला का नाम, ब्लाक (विकास खण्ड) का नाम, संबंधित ग्राम पंचायत और लाभार्थी की सामाजिक श्रेणी (General /OBC /SC Etc.) को सेलेक्ट करना होगा। जिसके बाद उस ग्राम सभा से संबंधित परिवारों की सूची देखने के लिए “Search” बटन पर क्लिक करना होगा। जैसा कि नीचे चित्र में दिखाया गया है।

स्टेप-2 Search बटन पर क्लिक करने के बाद PMAY ID और प्राथमिकता के साथ संबंधित लाभार्थी के नाम की एक सूची दिखाई देगी। और अब जिस लाभार्थी के नाम से पंजीकरण करना है उसके नाम के सामने Select To Register पर क्लिक करना है। जैसा की नीचे चित्र में दर्शाया गया है।

स्टेप-3 अब आपके सामने कुछ इस तरह से आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा। जिसमे आवेदक को अपनी सभी जानकारियों को भरना होगा। जैसा की नीचे चित्र में आपकी सहायता हेतु दर्शाया गया है।

स्टेप-4 आवेदन के दूसरे भाग में आवेदक को बैंक अकाउंट से सम्बंधित जानकारी भरनी होगी।

स्टेप-5 PMAY-G के एप्लीकेशन फॉर्म के तीसरे भाग में आवेदक (लाभार्थी) को अपने मनरेगा जॉब कार्ड का नंबर (अनिवार्य) और SBM (Swachh Bharat Mission) नंबर को दर्ज करना होगा। इसके बाद आवेदन को save करके प्रिंटआउट ले लेना है।

PMAY-G आवेदन पत्र में संशोधन (How to Edit PMAY-G Registration Form)

PMAY-G आवेदन पत्र में संशोधन के लिए Pradhan Mantri Awas Yojana- Gramin हेतु रजिस्ट्रेशन के स्टेप-1 और स्टेप-2 को follow करके लाभार्थी का नाम खोजें। उसके बाद लाभार्थी के नाम पर क्लिक करें। जिससे आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर आवेदन पर आवेदन फॉर्म खुलकर आ जायेगा। जिसमे वांछित संशोधन करके save कर लें। लाभार्थी के सभी personal detail में संशोधन किया जा सकता हैं। यदि लाभार्थी का नाम अज्ञात या रिक्त है तो आधार के अनुसार नाम को लाभार्थी की स्वीकृति के लिए लाभार्थी के नाम के रूप में माना जाएगा। लाभार्थी के मनरेगा जॉब कार्ड नंबर और SBM (स्वच्छ भारत मिशन) नंबर को भी एडिट किया जा सकता है। लाभार्थी के बैंक विवरण को एडिट नहीं किया जा सकता है। बैंक विवरण को एडिट के लिए, फ्रीजिंग मॉड्यूल की सहायता लेनी पड़ेगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना लाभार्थी सूची में अपना नाम कैसे देखें (How to check name in Pradhanmantri Awas Yojana Beneficiary List)

पीएम आवास योजना के लाभार्थियों की सूची देखने के लिए आप नीचे दिए गए आसान से steps का पालन कराकर सकते हैं। जिससे बहुत ही आसानी से आप घर बैठे ही PMAY के लाभार्थियों की सूची को अपने मोबाइल / कंप्यूटर स्क्रीन पर देख पाएंगे। आइये उन steps के बारे में बारी-बारी से पढ़ते हैं।

स्टेप-1 इस योजना के लाभार्थियों की सूची देखने के लिए सबसे पहले आपको गूगल Play Store से Awaas App को डाउनलोड करना होगा।

स्टेप-2 अब app को open करें और होमपेज पर सबसे नीचे “Houses Near Me” पर क्लिक करें जैसा की नीचे चित्र में दिखाया गया है।

स्टेप-3 इसके बाद आपके स्क्रीन पर जो पेज खुलकर आएगा उसमे क्रमशः अपने राज्य का नाम, जिला का नाम, ब्लाक (विकास खण्ड) का नाम, ग्राम पंचायत का नाम और गाँव का नाम चुनकर Search बटन पर क्लिक करना है।

स्टेप-4 अब आपकी मोबाइल / कंप्यूटर स्क्रीन पर जो पेज खुलकर आएगा उसमे सबसे ऊपर दाहिनी तरफ List View आप्शन दिखाई देगा उस पर क्लिक करना है। अब आपके सामने आपके द्वारा search किये गए गाँव के सभी लाभार्थियों की लिस्ट खुलकर आ जाएगी। लाभार्थी के नाम पर क्लिक करके उससे सम्बंधित सभी जानकारी detail में देख सकते हैं।

Official Website1-प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण CLICK HERE
2-प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी CLICK HERE
HomePageeeind.in

प्रधानमंत्री आवास योजना Frequently Asked Questions (FAQs)

प्रधानमंत्री आवास योजना क्या है?

प्रधानमंत्री आवास योजना (प्र. आव. योजना) भारत सरकार द्वारा चलाई गई है, जो गरीब वर्ग के लोगों को आवासीय सुविधाओं की सुविधा प्रदान करने का उद्देश्य रखती है। इस योजना के अंतर्गत, गरीब वर्ग के लोगों को आवासीय सुविधाओं के लिए सहायता मिलती है, जैसे कि उचित आवास, वस्तुएँ और सेवाएँ। इस योजना के अंतर्गत, लोगों को आवास के लिए सहायता मिलती है और उन्हें आवास के लिए संस्थान दिए जाते हैं।

इस योजना के तहत आवास कैसे मिलता है?

इस योजना के तहत आवास मिलने के लिए, आवेदनकर्ताओं को संबंधित संस्थान या स्थान से आवेदन प्रपत्र अर्जित करना होगा जो वहाँ उपलब्ध होगा। आवेदन प्रपत्र में, आवेदनकर्ता की व्यक्तिगत जानकारी, आवासीय स्थिति, व्यवसाय और आर्थिक स्थिति जैसे जानकारी देनी होगी। आवेदन पूरा करने के बाद, आवेदनकर्ता को संबंधित संस्थान द्वारा एक आवेदन संख्या मिलेगा जिसकी मदद से वे आवेदन की स्थिति की जांच कर सकते हैं। आवेदन सम्बंधित संस्थान द्वारा जमा किए जाने के बाद, आवेदन संबंधित प्राधिकरण द्वारा जांच किया जाएगा

इस योजना के लाभार्थी कौन हो सकते हैं?

इस योजना के लाभार्थी उन लोगों हो सकते हैं जो गरीब वर्ग में आते हैं और आवासीय सुविधाओं की जरूरत होती है। इस योजना में गरीब वर्ग के लोगों को आवासीय सुविधाओं की सुविधा प्रदान की जाती है, जैसे कि उचित आवास, वस्तुएँ और सेवाएँ। इस योजना के लाभार्थी होने के लिए, आवेदनकर्ताओं को पात्रता मानदंडों का पालन करना होगा जो संबंधित संस्थान द्वारा निर्धारित होते हैं। पात्रता मानदंड में, आवेदनकर्ता की आय, स्थाई स्थान, व्यवसाय और आवासीय स्थिति जैसी जानकारी शामिल होती है।

Leave a Comment